पटना : बिहार स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनधिकृत अवकाश को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अवकाश पर जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बाधारहित बनाए रखना और अस्पतालों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
पहले मंजूरी, फिर मिलेगी छुट्टी
नए निर्देशों के अनुसार, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश पर जाने से पहले सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना स्वीकृति के अनुपस्थित रहने की स्थिति को अनधिकृत अनुपस्थिति माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित होने पर विभाग सख्त
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कई बार बिना सूचना या अनुमति के कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से मरीजों को परेशानी होती है और अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित होती हैं। इसी कारण सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुखों को कर्मचारियों की उपस्थिति पर नियमित निगरानी रखने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई
यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर वेतन रोकने, स्पष्टीकरण मांगने और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर सरकार का जोर
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियमित उपलब्धता से मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसी उद्देश्य से विभाग ने सभी जिलों और स्वास्थ्य संस्थानों को नए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।